नमस्कार
मेरे प्रिय विद्यार्थियों और अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले समस्त प्रतिभागियों आप सभी को मेरा नमस्कार , जैसा कि आप सभी के स्नेह से ,आप सभी के प्यार से ,आप सभी के सहयोग और आपकी मोहब्बत से , मैं शिक्षा जगत के एक अहम भाग कैरियर गाइडेंस से जुड़ा हुआ हूं । और समय-समय पर कई जगह आप लोगों के द्वारा मुझे आमंत्रित किया जाता रहा है । मेरी कोशिश भी ही और रहती है कि मैं आपको जितनी मेरे से होती है जितनी मेरे से बनती है । मैं सलाह मशविरा करने की कुछ आपको सिखाने की और कुछ आप से सीखने की पूर्ण रूप से कोशिश करता हूं । कई बार विद्यार्थियों के द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभागियों के द्वारा मुझे फोन पर या सोशल मीडिया पर संपर्क करके कई तरह के सवाल पूछे जाते हैं ।
जैसे
कंपटीशन की तैयारी कैसे करें ।
कक्षाओं की परीक्षाओं की तैयारियां कैसे करें ।
वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए तैयारी कैसे करें ।
वाद विवाद प्रतियोगिता के टॉपिक की तैयारी कैसे करें ।
वाद विवाद प्रतियोगिता में अपना पक्ष कैसे रखें ।
ग्रुप डिस्कशन एक्टिविटी में भाग कैसे लें ।
किसी भी टॉपिक पर एक अच्छा स्पीच कैसे दें ।
इस तरीके के कई सारे टॉपिक्स जो मेरे पास में अक्सर आते हैं । और आज के ग्रामीण इलाकों के युवाओं की सबसे बड़ी जो समस्या रहती है । वह रहती है कि जब वह किसी बड़ी कंपटीशन की तैयारी करते हैं और उसके एसएसबी या इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है । तब वहां पर उन्हें इंटरव्यू बोर्ड के सामने चार पांच लोग होते हैं , तब वहां उन्हें किसी टॉपिक पर अपनी बात रखने के लिए कहा जाता है वाद-विवाद करने के लिए कहा जाता है। ग्रुप डिस्कशन के लिए कहा जाता है , तब वहां पर अक्सर सोचने लगते हैं और अक्सर मात खाते हैं ऐसी जगहों पर मुख्य रूप से कई सारे बिंदु होते हैं जो काम करते हैं और अपनी अहम भूमिका निभाते हैं जैसे कि शुरुआत कैसे करें ।
अपना पक्ष कैसे रखें ।
सामने वाले पर बिना कटाक्ष किए अपनी बात कैसे रखें ।
ग्रुप के अंदर एक अपनी अहम भागीदारी निभाते हुए नेतृत्व कैसे करें ।
दिए गए टॉपिक की अच्छी से अच्छी तैयारी कैसे करें ताकि वहां एक अच्छा पक्ष और मजबूत पक्ष रखा जा सके ।
इन सब बातों के लिए बहुत जरूरी होता है की शुरुआत कैसे करें अंत कैसे करें और सिलसिलेवार कुछ तथ्यों के साथ में आंकड़ों के साथ में तिथियों के साथ में अच्छे-अच्छे शब्द प्रयोग के साथ में टॉपिक की तैयारी सरल भाषा में कैसे करके जाएं ताकि वहां अपने ज्ञान और तैयारी का हमें पूरा पूरा फायदा मिल सके ।
मित्रों काफी समय से पढ़ते पढ़ते मैंने यह अनुभव किया की कई सारी चीजें ऐसी होती है जिनका सहारा हमें एक अच्छी तैयारी के लिए लेना पड़ता है और किताबें एक ऐसा आधार हैं एक ऐसा स्रोत है जहां से बहुत कुछ सीखा जा सकता है वैसे तो पढ़ने के लिए हमारे पास में समाचार पत्र हैं कई सारी मासिक प्रतियोगिताओं की किताबें हैं वार्षिक किताबें हैं कई सारी किताबें होती है सुनने के लिए टीवी के ऊपर आने वाले कार्यक्रम है मोबाइल पर आने वाले कार्यक्रम है यूट्यूब पर कहीं सारे वीडियो हैं , सोशल मीडिया पर बहुत कुछ मिल जाता है । लेकिन एक हार्ड कॉपी में हमारे सामने कुछ पैसे अदा कर के लिया गया जो स्रोत होता है उसकी अहमियत बढ़ जाती है । और जब हम कोई चीज कुछ एक पैसा कुछ एक अंश देकर खरीदे हैं । तो कहीं ना कहीं हमारे दिल में भी एक जंग रहती है कि यार पैसे दिए हैं । क्योंकि फ्री की चीजों की वैल्यू अक्सर कम हो जाती है और जब कोई हार्ड कॉपी हमारे साथ में हो आप उसको अपने हाथ में ले करके कहीं पर भी जा सकते हैं चाहे वहां मोबाइल की रेंज हो या ना हो चाहे वह टॉवर हो या ना हो आप सफर कर रहे हैं आप ट्रेन में हैं बस में हैं जहाज में है, सो रहे हैं ,घर जा रहे हैं ,गांव में सो रहे हैं बैठे हुए हैं ,आप बेहतरीन तरीके से अपनी पूर्ण तैयारी के साथ में इस किताब के माध्यम से बहुत ही बेहतरीन सफलता हासिल की जा सकती है एक अच्छी तैयारी करके ।
मित्रों मैंने खुद अनुभव किया किताबें हमारी जिंदगी में कितना बड़ा रोल अदा करती हैं और किताबों से कितना कुछ सीखा जा सकता है ।आपके लिए मैं एक ऐसी किताब जो मैंने खुद पढ़ी है समझी है । और बहुत कुछ हासिल किया है और इस किताब ने मुझे बहुत बड़ा अचीवमेंट दिया है उस किताब का रेफरेंस में शेयर कर रहा हूं उस किताब का नाम मैं यहां आज आपके सामने रख रहा हूं मेरी तो आपसे यही विनती रहेगी कि आप अनीता गॉड द्वारा लिखी हुई इस वाद-विवाद डिबेट की हिंदी किताब को जरूर जरूर खरीदें और ध्यान पूर्वक इस किताब को एक बार जरुर पढ़ें ताकि आपके दिमाग में कई सारे टॉपिक जिन का फंडा आपको क्लियर नहीं हो बेहतरीन तरीके से क्लियर हो सके स्कूल की कई सारी प्रतियोगिताओं के लिए यह बुक बहुत फायदेमंद है डिजिटाइजेशन, पाश्चात्य सभ्यता हमारे लिए कितनी घातक है, कितनी फायदेमंद है सोसल मीडिया हमारे लिए अभिशाप है कि वरदान है । शिक्षा से हमें क्या क्या हासिल किया जा सकता है क्लोनिंग क्या है मूवीस का क्या रोल है इस तरीके के कई अच्छे टॉपिक के साथ में उनके नुकसान और फायदे के साथ में बेहतरीन तरीके से बताया गया है कृपया आप सभी इस किताब को जरूर खरीदें और पढ़ें मैं इसकी लिंक नीचे दे रहा हूं आप इस पर क्लिक करके इसे जरूर खरीदें आपको यह किताब एक बहुत बड़े मुकाम पर ले जा सकती है और यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभागी या विद्यार्थी हैं तो शत प्रतिशत यह किताब आपको सफलता दिलाएगी और यदि आप व्यवसाय वाले हैं, स्पीकर हैं कोच हैं, ट्रेनर हैं ,अध्यापक हैं ,एक युवा हैं, तब भी आप यदि इस किताब को पढ़ते हैं तो यह किताब आपके आत्मविश्वास में बात करने के ढंग किसी टॉपिक पर तथ्यात्मक तरीके से बात करने के ढंग में आमूलचूल परिवर्तन लाएगी ।
कृपया नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करके अपनी जरूरत पूरी करें और खुद को एक नया मुकाम हासिल करने के लिए बधाई दें ।
धन्यवाद
|
Blog about Motivational ,inspirational writing ,public speaking tips,loose weight ,business,interviews, educational,guidance and councelling tips.
Friday, June 5, 2020
युवा, समाज और शिक्षा
शिक्षा शब्द मात्रा दो अक्षरो का मेल हे ! पढ़ने में एक सेकंड भी नही लगती , लेकिन समझने में उम्र लग जाती हे ! भारत देश एक महान देश हे ,भाषा की जननी हे ,विज्ञान की जननी हे,आयुर्वेद की जननी हे ! विश्व गुरु कहा जाता था और कहा हे ! अंग्रेजी शाशन से पहले भारत के हर गाव में एक गुरुकुल चलता था ! सबसे बड़ा गुरुकुल सूरत में हजार विद्यार्थी पढ़ते थे ! एक अंग्रेज शिक्षा शास्त्री टी वी मैकॉले ने भारतीय शिक्षा पद्धति पर बहुत काम किया , उसने अपनी रिसर्च में लिखा था की भारत के हर गाव में गुरुकुल हे , भारत में कोई गरीब नही हे , भारत में कोई कसीस पर पराश्रित नही हे , भारत का हर इंसान अपनी आजीविका खुद कमाकर चलाता हे ! इस तरह की रिपोर्ट जब उसने उनकी संसद में पेश की तो ब्रिटिश शिक्षा मंत्री मेकौले से पूछता हे की इस तरह की जहां शिक्षा व्यवस्था हो उनको क्या बोलते हे तब मेकौले गुरुकुल की जगह स्कूल शब्द का इस्तेमाल करता हे ! तब शिक्षा मंत्री पूछता हे की अब ये बताओ की जहा इस तरह की शिक्षा , झ कोई गरीब नही हो।,झ कोई किसी पर पराश्रित नही हो उस देश पर राज कैसे किया जाये , तब मेकौले जवाब देता हे और एक सुझाव देता हे की जहा इस तरह की वह तो उनकी शिक्षा व्यवस्था को खोखला करना होगा ! जब इनकी शिक्षा व्यवस्था खोखली हो जाएगी तभी इन पर राज किया जा सकता हे ! और धीरे धीरे अंग्रेज ने फुट डालो और राज करो की नीति का सहारा लिया और हमारी शिक्षा व्यवस्था में सेंध मारी और शिक्षा तंत्र को खोखला कर के राख दिया और कुछ स्वार्थी लोगो की सहायता से ये सब मुमकिन हुआ और हमारी शिक्षा व्यवस्था टूट गई ! बेशक आज फिर वही भारत खड़ा हो गया हे ,आज फिर वही सोने की चिड़िया हे भारत ,हर क्षेत्र में प्रगति की तेज गति पकड़ हे लेकिन कुछ कमिया हे जिनकी वजह से आज हमारी शिक्षा व्यवस्था थोड़ी सी डगमगा रही हे , शिक्षा व्यस्था को एक व्यवसाय सा समझकर बढ़ावा दिया जा रहा हे ! देश और समाज का युवा शिक्षा पाना को आतुर हे , शिक्षा पा रहा हे ,खूब मेहनत कर रहा हे क्यकुकि युवा ही देश और समाज की ताकत हे और शिक्षा ही युवाओ की ताकत हे इसलिए इन तीनो शब्दो और तीनो स्तंभो को मेने एक साथ जोड़कर आप सभी के समक्ष प्रस्तुत करने की कोसिस की हे ! युवा कू खुद को घर समाज और देश की असली ताकत मानते हुए शिक्षा को अपना हथियार मान रहा हे ! भारत का युवा बहुत ही मेहनती और कठोर परिश्रमी हे ,पढ़ रहा हे ,बहुत मेहनत कर रहा हे लेकिन फिर भी जो छह रहा हे वो नही पा रहा हे ! आखिर क्यों अपनी पढ़ाई करते हुए भी देश और पिछड़ रहा हे !
कारण ,,, सही समय पर सही दिशा निर्देश और सही मार्ग दर्शन की कमी ! ये सबसे बड़ी वजह हे जिसकी वजह से देश पिछड़ रहा हे !
मित्रो नमस्कार आपके बच्चों के लिए एक बेहतरीन खुशखबरी
आजकल बच्चे सबसे ज्यादा समय बर्बाद करते है मोबाइल पर , क्या देखते है , क्या नही देखते ज्यादातर मा बाप ध्यान नही दे पाते । लेकिन यह आमतौर पर प्रूव हो गया है और देखा गया है कि बच्चों को बुद्धिमान बनाने के लिए सबसे कारगर तरीके है
कहानी , कविताये , स्पीच , महाभारत , रामायण , धार्मिक प्रसंग आदि आदि । क्या आप भी चाहते है की इन सबके माध्यम से आपके बच्चे भी ये सब देखकर ओर सुनकर genious बने और अपने बौद्धिक कौशल का विकास करे यदि है तो आप इस चैनल से जुड़िये जहा आपको ये सब बहुत ही शनादर तरीके से बताया हुआ मिलेगा । बच्चों के लिए इससे बेहतर कोई प्लेटफॉर्म नही हो सकता । बहुत ही छोटा छोटा , साधारण ओर सरल भाषा मे बताया जा रहा है । इस चैनल को जरूर शेयर करे , सब्सक्राइब करे और लाइक करे https://youtu.be/Dzgs4AR_9uA
धन्यवाद
आभार
आजकल बच्चे सबसे ज्यादा समय बर्बाद करते है मोबाइल पर , क्या देखते है , क्या नही देखते ज्यादातर मा बाप ध्यान नही दे पाते । लेकिन यह आमतौर पर प्रूव हो गया है और देखा गया है कि बच्चों को बुद्धिमान बनाने के लिए सबसे कारगर तरीके है
कहानी , कविताये , स्पीच , महाभारत , रामायण , धार्मिक प्रसंग आदि आदि । क्या आप भी चाहते है की इन सबके माध्यम से आपके बच्चे भी ये सब देखकर ओर सुनकर genious बने और अपने बौद्धिक कौशल का विकास करे यदि है तो आप इस चैनल से जुड़िये जहा आपको ये सब बहुत ही शनादर तरीके से बताया हुआ मिलेगा । बच्चों के लिए इससे बेहतर कोई प्लेटफॉर्म नही हो सकता । बहुत ही छोटा छोटा , साधारण ओर सरल भाषा मे बताया जा रहा है । इस चैनल को जरूर शेयर करे , सब्सक्राइब करे और लाइक करे https://youtu.be/Dzgs4AR_9uA
धन्यवाद
आभार
Subscribe to:
Comments (Atom)
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सटीक रामबाण
जो सोचा नही था , वो समय आज गया । ऐसा समय आया कि लोगो को सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि उस समय क्या किया जाए । आज की लोगो की जीवनशैली की वजह से...
-
“We can change our life” If we have in us 1.Be yourself: cultivate desirable qualities. 2. Be alert: look for opportunities t...
-
1. Why Do You Want To Work For Us? 2. What interests you about this job? 3. What do you know about our company? 4. What challen...
-
"Mai, Meri Jindagi Aur Mera Desh" "life is a gift-live it, enjoy it,celebrate it and fulfill it." "never give...

